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सीड डेहलिया

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अपने बगीचे या बालकनी को डेहलिया के बीजों के साथ एक पुष्प स्वर्ग में बदलें, जो अपने जीवंत रंगों, परतदार पंखुड़ियों और लंबे समय तक खिलने वाले फूलों के लिए जाने जाते हैं।

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    डेहलिया बहुत सुंदर, चमकीले फूल होते हैं जो किसी भी बगीचे को रोशन कर सकते हैं। इन्हें बीज से उगाना बजट-फ्रेंडली और फायदेमंद है—खासकर भारत के सर्दियों और शुरुआती वसंत के मौसम में। इन फूलों को उगाने में आपकी मदद करने के लिए यहां एक स्टेप-बाय-स्टेप गाइड दी गई है:

    डेहलिया उगाने का सबसे अच्छा समय

    • उत्तर भारत: सितंबर से नवंबर

    • दक्षिण भारत: अक्टूबर से दिसंबर

    डेहलिया को ठंडा से मध्यम तापमान (15–25°C) पसंद है। गर्मियों के चरम या भारी मानसून से बचें।

    मिट्टी और जगह

    • धूप: रोज़ाना कम से कम 4 घंटे धूप चाहिए।
    • मिट्टी का प्रकार: अच्छी तरह से पानी निकलने वाली, ढीली मिट्टी जिसमें कम्पोस्ट और कोकोपीट मिला हो।
    • गमले या ज़मीन: कम से कम 10-12 इंच गहरे गमले

    बीज बोना

    • सीडलिंग ट्रे या गमले में मिट्टी भरें। बीज 0.5–1 सेंटीमीटर गहरे बोएं।

    • सतह पर पानी छिड़कें।

    अंकुरण और पौधों की देखभाल

    • ट्रे को रोशनी वाली, छाया वाली जगह पर रखें (सीधी धूप न हो)।
    • पानी देना: मिट्टी को नम रखें लेकिन गीली न रखें।
    • अंकुरण का समय: 7–14 दिन।
    • जब पौधों में 2–3 असली पत्तियों के सेट आ जाएं, तो उन्हें बड़े गमलों (8–10 इंच) या बगीचे की क्यारियों में ट्रांसप्लांट करें।

    • पौधों को ठीक से बढ़ने के लिए लगभग 12 इंच की दूरी पर रखें।
    देखभाल और रखरखाव


    • पानी देना: पानी तभी दें जब मिट्टी का ऊपरी इंच सूखा लगे।
    • खाद: हर 2–3 हफ़्ते में बैलेंस्ड लिक्विड खाद (जैसे, 10-10-10) डालें।
    • पिंचिंग: झाड़ीदार पौधों को बढ़ावा देने के लिए ऊपरी हिस्से को 6–8 इंच पर पिंच करें।

    खिलना और रखरखाव

    • बीज से उगाए गए डेहलिया अंकुरण के 8–12 हफ़्ते (2.5 से 3 महीने) बाद फूल देंगे।

    • फूल खिलने का मौसम: सर्दियों के आखिर से गर्मियों की शुरुआत तक (या अगर रात ठंडी रहती है तो ज़्यादा समय तक)

    • लगातार फूल खिलने के लिए डेडहेड (मुरझाए हुए फूल हटा दें) करें।