संक्रांत वेल, जिसे आमतौर पर ज्वाला लता के नाम से जाना जाता है, एक तेजी से बढ़ने वाली सदाबहार लता है जो सर्दियों में घने गुच्छों में खिलने वाले अपने शानदार चमकीले नारंगी, नलिकाकार फूलों के लिए प्रसिद्ध है। मकर संक्रांति के आसपास यह पौधा मनमोहक फूलों का प्रदर्शन करता है, इसीलिए इसका स्थानीय नाम संक्रांत वेल है। यह अत्यंत मजबूत, दीर्घायु और भूदृश्यों में नाटकीय ऊर्ध्वाधर रंग जोड़ने के लिए आदर्श है।
2. के लिए सर्वश्रेष्ठ
परिसर की दीवारें और सीमा बाड़
पेर्गोला, मेहराब और ऊपरी जाली
भवन के अग्रभाग और बालकनियाँ
सार्वजनिक उद्यान और विशाल भूदृश्य
कम रखरखाव वाली, बेहद आकर्षक फूल देने वाली बेलें
3. उगाने और देखभाल संबंधी विवरण
प्रकाश:
पूर्ण सूर्यप्रकाश आवश्यक है
सर्दियों में भरपूर फूल आने के लिए इसे 6-8 घंटे सीधी धूप की आवश्यकता होती है।
पानी:
मध्यम मात्रा में पानी दें
एक बार स्थापित हो जाने पर सूखा सहन करने वाला पौधा; जलभराव से बचें
मिट्टी:
अच्छी जल निकासी वाली बगीचे की मिट्टी
दोमट से लेकर थोड़ी रेतीली मिट्टी में अच्छी तरह उगता है।
तापमान:
यह गर्म उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय जलवायु में पनपता है।
यह हल्की सर्दियों की ठंड को बहुत अच्छी तरह सहन कर लेता है।
देखभाल संबंधी सुझाव:
फूल आने के मौसम के बाद, पौधे की छंटाई करें ताकि उसका आकार नियंत्रित रहे और नई वृद्धि को बढ़ावा मिले।
नाइट्रोजन युक्त उर्वरकों का अत्यधिक प्रयोग करने से बचें, क्योंकि ये फूलों की तुलना में पत्तियों को अधिक बढ़ावा देते हैं।
मजबूत सहायता संरचनाएं प्रदान करें
रखरखाव के सुझाव:
एकसमान आवरण के लिए बेलों को जल्दी प्रशिक्षित करें
सर्दियों के परिदृश्यों में मौसमी रंग योजना के लिए आदर्श
इसे सदाबहार लताओं के साथ मिलाकर साल भर हरियाली बनाए रखी जा सकती है।
सामान्य समस्याएं एवं उनका प्रबंधन:
कम फूल आना: अपर्याप्त धूप या अत्यधिक उर्वरक का प्रयोग
लंबी और पतली वृद्धि: फूल आने के बाद नियमित रूप से छंटाई की आवश्यकता होती है
कीट: आमतौर पर कीट-मुक्त