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सीड ब्रिंजल पुणेरी काटेरी - 10 ग्रॅम

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हमारे ब्रिंजल पुणेरी कटेरी बीजों के साथ अपने किचन गार्डन में स्थानीय स्वाद का एक स्पर्श जोड़ें - एक पसंदीदा देसी किस्म जो अपनी आकर्षक बैंगनी-सफेद धारियों, कॉम्पैक्ट आकार और स्वादिष्ट स्वाद के लिए जानी जाती है। कंटेनर बागवानी, छतों या बालकनियों के लिए बिल्कुल सही।

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    बैंगन पुणेरी कटेरी बैंगन की एक विशिष्ट किस्म है, जो अपने छोटे, गोल, गहरे बैंगनी रंग के सफेद धारियों वाले फलों के लिए जानी जाती है। इस किस्म की उच्च उपज और कीटों के प्रतिरोध के लिए सराहना की जाती है, जो इसे घरेलू बगीचों और व्यावसायिक खेती दोनों के लिए आदर्श बनाता है। 

    सर्वोत्तम बुवाई का समय

    बैंगन गर्म तापमान में अच्छी तरह से बढ़ता है, और पुणेरी कटेरी की खेती पाले से मुक्त क्षेत्रों में साल भर की जा सकती है।

    सर्वोत्तम बुवाई का समय:
    • ग्रीष्मकालीन फसल: जनवरी - मार्च
    • मानसून की फसल: जून - जुलाई
    • सर्दियों की फसल (पाले से मुक्त क्षेत्रों में): सितंबर - अक्टूबर

    उगाने के लिए आदर्श स्थितियाँ

    • तापमान: सर्वोत्तम विकास और फलने के लिए 20-35 डिग्री सेल्सियस।
    • सूरज की रोशनी: रोजाना 6-8 घंटे सीधी धूप की आवश्यकता होती है।
    • मिट्टी: अच्छी पानी निकलने वाली, पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी जिसका pH 6.0–7.5 (थोड़ा एसिडिक से न्यूट्रल) हो। गमले में उगाने के लिए, 40% बगीचे की मिट्टी, 30% कम्पोस्ट, 30% कोकोपीट या रेत का मिक्सचर इस्तेमाल करें।
    • गमले का आकार (घर पर बागवानी के लिए): 12–18 इंच गहरे गमले का इस्तेमाल करें

    बीज बोना और अंकुरण

    • बीजों को सीड ट्रे में या सीधे मिट्टी में 0.5 सेमी गहरा बोएं। बीज बोने के 7–14 दिन बाद अंकुरित हो जाते हैं। जब पौधे 4–6 इंच लंबे हो जाएं (25–30 दिन बाद), तो उन्हें बड़े गमलों या खेतों में लगा दें। सही विकास के लिए पौधों के बीच 18–24 इंच की दूरी रखें।

    पानी देना

    • मिट्टी को नम रखें लेकिन पानी भरा न रखें। गर्मियों में हर 2–3 दिन में और बारिश के मौसम में हफ़्ते में एक बार पानी दें।

    खाद और पोषक तत्वों का प्रबंधन

    • बुवाई से पहले: मिट्टी में ऑर्गेनिक खाद या अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाएं।
    • प्रत्यारोपण के बाद: जड़ों के विकास को बढ़ावा देने के लिए NPK 10:26:26 डालें।
    • फूल और फल लगने के दौरान: बेहतर फलन के लिए गाय के गोबर के घोल का प्रयोग करें।
    • हर 15 दिन में: मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए तरल जैविक खाद (जैसे कम्पोस्ट चाय) डालें।

    कीट और रोग प्रबंधन

    आम कीट:

    • एफिड्स और व्हाइटफ्लाइज़: हर 7-10 दिन में नीम के तेल का छिड़काव करें।
    • फल और शूट बोरर: प्रभावित फलों को हटा दें और बीटी स्प्रे का इस्तेमाल करें।

    आम बीमारियाँ:

    • बैक्टीरियल विल्ट: अधिक पानी से बचें और मिट्टी से उचित जल निकासी सुनिश्चित करें।
    • पाउडर मिल्ड्यू: इसे नियंत्रित करने के लिए बेकिंग सोडा + पानी के घोल का उपयोग करें।

    कटाई

    • पहली कटाई बुवाई के 70-90 दिनों के बाद की जा सकती है। सबसे अच्छे स्वाद के लिए बैंगन तब चुनें जब वे दृढ़, चमकदार और मध्यम आकार के हों