Skip to Content

Seed Daisy Dwarf Mix

अपने बगीचे को डेज़ी डबल मिक्स की मनमोहक आकर्षण से रोशन करें - लाल, गुलाबी, गुलाब और सफेद के खुशमिजाज रंगों में फ्रिल वाले, डबल-पेटल वाले डेज़ियों का एक शानदार मिश्रण।
₹ 50.00 ₹ 50.00
₹ 50.00

बीजों से डेज़ी डबल मिक्स्ड उगाना भारत में आपकी बालकनी या टेरेस गार्डन को रोशन करने का एक शानदार तरीका है! ये प्यारे, झालरदार फूल कई रंगों में आते हैं और ठंड के मौसम में खूबसूरती से खिलते हैं। इन्हें उगाने के लिए भारत के हिसाब से आपकी पूरी गाइड यहाँ दी गई है:

बोने का सबसे अच्छा समय

  • उत्तर भारत: सितंबर से नवंबर

  • दक्षिण और पश्चिम भारत: अक्टूबर से दिसंबर (डेज़ी को ठंडा मौसम पसंद है और ये सर्दियों-वसंत में अच्छे से खिलते हैं)

आपको क्या चाहिए

  • डेज़ी डबल मिक्स्ड बीज

  • बीज लगाने के लिए गमले या ट्रे

  • आखिरी कंटेनर (कम से कम 6-8 इंच गहरे, जिसमें पानी निकलने के छेद हों)

  • हल्का, अच्छी तरह पानी निकलने वाला पॉटिंग मिक्स (अच्छी तरह पानी निकलने वाली, ढीली मिट्टी जिसमें कम्पोस्ट और कोकोपीट मिला हो)

  • धूप वाली जगह (बालकनी, छत, खिड़की)

बीज बोएं

  • सीडलिंग ट्रे को पॉटिंग मिक्स से भरें।

  • बीजों को सतह पर हल्के से छिड़कें।

  • मिट्टी की बहुत पतली परत (लगभग 0.5 सेंटीमीटर) से ढक दें।

  • मिट्टी को नम करने के लिए हल्के से पानी छिड़कें।

  • ऐसी जगह पर रखें जहाँ सीधी धूप आती ​​हो।

  • सही तापमान: 15–22°C

  • मिट्टी को थोड़ा नम रखें, गीला नहीं।

  • अंकुरण का समय: 10–14 दिन

  • जब पौधों में 2–3 असली पत्तियाँ आ जाएँ, तो उन्हें बड़े गमलों में लगा दें।

  • 6–8 इंच के गमले या उससे बड़े गमले इस्तेमाल करें।

  • दूरी: पौधों के बीच 15–20 सेंटीमीटर की दूरी रखें।

रोपाई के बाद देखभाल

धूप

  • रोज़ाना 4–6 घंटे सीधी धूप चाहिए।

  • धूप वाली बालकनी या छत पर रखें।

पानी देना

  • जब मिट्टी का ऊपरी इंच सूखा लगे तो पानी दें।

  • पानी जमा होने से बचाएं—पक्का करें कि गमले में पानी निकलने की अच्छी व्यवस्था हो।

खाद देना

  • रोपाई के 2–3 हफ़्ते बाद खाद देना शुरू करें।

  • हर 2–3 हफ़्ते में बैलेंस्ड लिक्विड फर्टिलाइज़र (NPK 10-10-10 या वर्मी-टी) का इस्तेमाल करें।

डेडहेडिंग

  • नए फूलों को खिलने के लिए रेगुलर मुरझाए हुए फूलों को हटा दें।

केयर टिप्स

  • ज़्यादा पानी देने से – जड़ सड़ सकती है या फंगल की समस्या हो सकती है

  • एफिड्स या माइट्स – ज़रूरत हो तो हर हफ़्ते नीम का तेल स्प्रे करें

  • नमी वाली जगहों पर पाउडरी मिल्ड्यू – अच्छी एयरफ्लो पक्का करें