बीजों से पैंसी 'स्विस जायंट चौबाद मिक्स्ड' उगाना बिल्कुल मुमकिन है—खासकर ठंडे महीनों में! ये पैंसी अपने बड़े, चमकीले, मखमली फूलों के लिए पसंद की जाती हैं जो कई तरह के गहरे रंगों में खिलते हैं, और ये गमलों, हैंगिंग बास्केट या बालकनी प्लांटर्स में बहुत अच्छे लगते हैं।
यहां भारतीय मौसम के हिसाब से स्टेप-बाय-स्टेप गाइड दी गई है:
बोने का सबसे अच्छा समय
- उत्तर/मध्य भारत: सितंबर से दिसंबर
दक्षिण भारत/पहाड़ियां: अक्टूबर से जनवरी
आदर्श तापमान: 10–25°C (पैंसी को ठंडा मौसम पसंद है और अक्सर बहुत ज़्यादा गर्मी में ये मुरझा जाते हैं।)
कंटेनर और मिट्टी का सेटअप
गमले का साइज़: कम से कम 8–10 इंच गहरा और अच्छी ड्रेनेज वाली जगह
मिट्टी का मिक्स:
2 भाग बगीचे की मिट्टी
1 भाग कोकोपीट या रेत
1 भाग कम्पोस्ट/वर्मीकम्पोस्ट
मिट्टी हल्की, अच्छी ड्रेनेज वाली और ऑर्गेनिक चीज़ों से भरपूर होनी चाहिए।
बीज बोना
बीजों को ठंडा रखें (ज़रूरी नहीं लेकिन मदद करता है): बेहतर अंकुरण के लिए बीज बोने से पहले 1–2 दिन के लिए फ्रिज में रखें।
उथली बुवाई करें: बीजों को ऊपर छिड़कें और उन्हें मिट्टी में धीरे से दबाएं। 🔹 बहुत गहरा न दबाएं – वर्मीक्यूलाइट या बारीक मिट्टी की पतली परत से ढक दें।
धीरे से पानी दें: ऊपरी मिट्टी को नम रखने के लिए धुंध या सॉफ्ट स्प्रे का इस्तेमाल करें।
अंकुरण के लिए छाया में रखें: पैंसी के बीज ठंडी, छायादार जगहों पर बेहतर अंकुरित होते हैं।
अंकुरण का समय: तापमान के आधार पर 10–20 दिन
रोशनी और जगह
जब पौधे निकल आएं, तो उन्हें पूरी या थोड़ी धूप वाली जगह पर ले जाएं।
सही: सुबह की धूप और दोपहर में छाया, खासकर गर्म इलाकों में।
पानी देना
मिट्टी को बराबर नम रखें लेकिन ज़्यादा पानी देने से बचें।
जब मिट्टी का ऊपरी 1 इंच हिस्सा सूखा लगे तो पानी दें।
पौधों की देखभाल और रखरखाव
- पिंचिंग: झाड़ीदार ग्रोथ के लिए पहली कली या ऊपरी हिस्सा काट दें
- डेडहेडिंग: ज़्यादा फूल खिलने के लिए मुरझाए हुए फूल हटा दें
- फर्टिलाइज़र: हर 2-3 हफ़्ते में पतला लिक्विड फर्टिलाइज़र डालें
- कीड़े: एफिड या फफूंदी पर नज़र रखें – ज़रूरत हो तो नीम का तेल इस्तेमाल करें
खिलना
फूल बोने के 8-10 हफ़्ते बाद खिलने लगते हैं
सर्दियों और शुरुआती वसंत तक खिलते रहते हैं
स्विस जायंट्स बड़े, रंगीन फूल देते हैं—गुलदस्तों और बॉर्डर के लिए बहुत अच्छे!