सीड ब्रोकोली
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बीज से ब्रोकोली उगाना न सिर्फ़ आसान है बल्कि बहुत संतोषजनक भी है—आपको अपनी छत या बालकनी से ही पौष्टिक, कुरकुरी फसल मिल जाती है! भारतीय मौसम में ब्रोकली उगाने के लिए आपकी पूरी स्टेप-बाय-स्टेप गाइड यहाँ दी गई है:
उगाने का सबसे अच्छा समय
ब्रोकोली ठंडे मौसम की फसल है। इसलिए टाइमिंग ही सब कुछ है!
उत्तर भारत: अक्टूबर से जनवरी
दक्षिण भारत: सितंबर से दिसंबर (या ठंडे इलाकों में जनवरी-फरवरी भी)
सही तापमान: 15°C से 25°C
कंटेनर की ज़रूरतें
साइज़: कम से कम 12–15 इंच गहरा और चौड़ा
सामग्री: प्लास्टिक, मिट्टी, या ग्रो बैग (कम से कम 10–15 लीटर)
पानी निकलने की जगह: नीचे छेद होना चाहिए
✅ सबसे अच्छे नतीजों के लिए हर कंटेनर में एक पौधा
बीज बोना
बीजों को सीडलिंग ट्रे में बोएं
हल्का मिक्स इस्तेमाल करें: 50% कोकोपीट + 30% कम्पोस्ट + 20% परलाइट/रेत
0.5 सेमी गहरा बोएं, हल्का पानी दें
तेज़, इनडायरेक्ट लाइट में रखें
अंकुरण:
5–10 दिन लगते हैं
ट्रांसप्लांट:
3–4 हफ़्ते बाद, जब सीडलिंग में 4–5 असली पत्तियां आ जाएं
पॉटिंग मिक्स
पोषक तत्वों से भरपूर, अच्छी तरह पानी निकलने वाला मिक्स:
40% गार्डन की मिट्टी
30% कम्पोस्ट/वर्मीकम्पोस्ट
20% कोकोपीट
10% रेत या परलाइट
पौधे लगाते समय बोन मील या नीम की खली डालें
धूप और जगह
धूप: रोज़ाना 5-6 घंटे सीधी धूप (सुबह की ठंडी धूप बेहतर है)
अगर मौसम बहुत गर्म है, तो दोपहर में छाया दें
पानी देना
मिट्टी को बराबर नम रखें, गीला नहीं
हर 2-3 दिन में अच्छी तरह पानी दें, सूखे मौसम में ज़्यादा बार
नमी बनाए रखने और तापमान में उतार-चढ़ाव कम करने के लिए सूखी पत्तियों/भूसे से मल्च करें
फर्टिलाइज़र
हर 15 दिन में: कम्पोस्ट या वर्मीकम्पोस्ट डालें
हेड बनने के दौरान बूस्ट करें: फॉस्फोरस से भरपूर फर्टिलाइज़र (जैसे, बोन मील) डालें
कीट और बीमारी का मैनेजमेंट
- एफिड्स: नीम के तेल का स्प्रे
- पत्तागोभी का कीड़ा: हैंडपिक + नीम स्प्रे
- फंगल रॉट: पानी निकलने की जगह बेहतर करें + ऊपर से पानी न डालें पानी देना
कटाई
ब्रोकोली में बीच में एक हेड बनता है—जब यह मज़बूत, टाइट और गहरा हरा हो, तब इसे काट लें
कलियों में फूल आने से पहले हेड को 5–6 इंच के तने के साथ काट लें
बाद में छोटे साइड शूट उग सकते हैं—वे भी खाने लायक होते हैं!
कटाई का समय:
बुवाई से 70–90 दिन