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सोनचाफा, मिशेलिया चम्पाका

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अपने बगीचे को भरें सुनहरी खुशबू से – पीला सोनचाफा है प्रकृति का शाश्वत इत्र-वृक्ष।
₹ 296.00 ₹ 396.00
₹ 396.00

  • पॉलीबैग/पॉट
  • पौधे की ऊंचाई
पॉलीबैग/पॉट पॉलीबैग: 10x12, 5.6L, पॉलीबैग: 12x12, 7.2L, पॉलीबैग: 16x16, 17.5L, पॉलीबैग: 18x18, 26.5L, पॉलीबैग: 21x21, 43.5L
पौधे की ऊंचाई 2', 4'

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मिचेलिया चम्पाका, जिसे आमतौर पर येलो सोआंचफा के नाम से जाना जाता है, एक सुंदर फूलों वाला पेड़ है जो अपनी सुगंधित, चमकदार पीली कलियों के लिए प्रसिद्ध है। यह पेड़ दक्षिण-पूर्व एशिया का मूल निवासी है और इसके सजावटी मूल्य और मीठी, मनमोहक खुशबू के लिए लोकप्रिय है। फूल गुच्छों में खिलते हैं, और इनकी खुशबू विशेष रूप से शाम के समय में बहुत तीव्र होती है।

विवरण:

  • फूल: येलो सोआंचफा चमकीले पीले रंग के, सुगंधित फूलों का उत्पादन करता है जो गुच्छों में खिलते हैं। फूल बड़े, मोम जैसा और अत्यधिक सुगंधित होते हैं, जिससे ये इत्र और फूलों की सजावट में पसंद किए जाते हैं। इनका सुगंध मीठा और समृद्ध होता है, जो वातावरण को आकर्षक बना देता है।
  • पत्तियाँ: इस पेड़ की पत्तियाँ गहरे हरे रंग की चमकदार होती हैं, जो पीले फूलों के लिए एक हरे बैकग्राउंड का काम करती हैं। घनी, सदाबहार पत्तियाँ सुनिश्चित करती हैं कि पेड़ पूरे साल खूबसूरत बना रहे।
  • विकास की आदत: येलो सोआंचफा एक मध्यम से बड़े आकार का पेड़ है जो लगभग 30 फीट तक ऊँचा हो सकता है, हालांकि इसे छोटा रखने के लिए प्रूनिंग (कटाई) की जा सकती है। इसका घना, झाड़ीदार मुकुट किसी भी लैंडस्केप में एक सुंदर केंद्रबिंदु बनाता है।

देखभाल के निर्देश:

  1. प्रकाश की आवश्यकता:
      यह पेड़ पूर्ण सूर्य के प्रकाश में अच्छे से बढ़ता है, हालांकि यह आंशिक छांव में भी सहन कर सकता है। फूलों के अच्छे उत्पादन के लिए इसे कम से कम 6 घंटे प्रतिदिन सीधे सूर्य के प्रकाश में लगाना चाहिए।
  2. सिंचाई: नियमित रूप से पानी दें, खासकर सूखे मौसम के दौरान, ताकि मिट्टी नम रहे, लेकिन जलभराव से बचें। अधिक पानी देने से बचें, क्योंकि इससे जड़ सड़ सकती है।
  3. मिट्टी: अच्छे जल निकासी वाली मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है, जो थोड़ा अम्लीय से तटस्थ पीएच मान वाली हो। यह मिट्टी में अच्छी तरह से बढ़ता है, लेकिन अगर जल निकासी ठीक हो, तो विभिन्न प्रकार की मिट्टी में भी बढ़ सकता है।
  4. तापमान और आर्द्रता: यह गर्म उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय जलवायु में अच्छे से बढ़ता है, जहां तापमान 65°F से 85°F (18°C - 29°C) के बीच रहता है। इसे मध्यम आर्द्रता की आवश्यकता होती है, और यह सूखे परिस्थितियों को भी सहन कर सकता है।
  5. खाद: इसे बढ़ने के मौसम (वसंत और गर्मी) के दौरान हर 2-3 महीने में संतुलित उर्वरक से खाद दें ताकि स्वस्थ विकास और फूलों का उत्पादन हो सके।
  6. काट-छाँट: नियमित रूप से प्रूनिंग (कटाई) कीजिए ताकि पेड़ का आकार सही रहे और घना विकास हो, जिससे फूलों की अधिकता हो सके।

उपयोग और लाभ:

  • सजावटी आकर्षण:
      येलो सोआंचफा एक सुंदर सजावटी पेड़ है जो बग़ीचों, लैंडस्केप्स और आंगनों में आकर्षण का केंद्र बनता है। इसके चमकीले पीले फूल और सुगंध इसे फूलों की सजावट के लिए आदर्श बनाते हैं।
  • सुगंध: इसके फूलों की मजबूत, मीठी खुशबू विशेष रूप से शाम को बहुत आकर्षक होती है और इसका उपयोग इत्र, अगरबत्ती और तेलों में किया जाता है।
  • औषधीय उपयोग: कुछ संस्कृतियों में मिचेलिया चम्पाका को पारंपरिक चिकित्सा में उपयोगी माना जाता है और इसके फूलों, छाल और पत्तियों का उपयोग विभिन्न लोक चिकित्सा विधियों में किया जाता है।

आदर्श स्थान:

  • बग़ीचे का पेड़: येलो सोआंचफा बड़े बग़ीचों या लैंडस्केप्स के लिए आदर्श है, जहाँ इसे केंद्रबिंदु या सजावटी पेड़ के रूप में लगाया जा सकता है।
  • कंटेनर बग़ीचिंग: इसे बड़े कंटेनरों में भी उगाया जा सकता है, खासकर यदि आपके पास सीमित जगह हो या आप इसे आंगन या बालकनी में रखना चाहते हों।