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सीड ब्रिंजल राऊंड ब्लॅक

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हमारे उच्च-श्रेणी के सीड ब्रिंजल राऊंड ब्लॅक से घर पर ही रिच, ग्लॉसी गोल काले बैंगन उगाएं। अच्छे जर्मिनेशन के लिए खास तौर पर चुने गए ये बीज मज़बूत, हेल्दी पौधे देते हैं जो बड़े, गहरे बैंगनी/काले रंग के फल देते हैं जो अपने मुलायम टेक्सचर और रिच फ्लेवर के लिए जाने जाते हैं।
₹ 25.00 ₹ 40.00
₹ 40.00

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घर पर चमकदार, गोल काले बैंगन उगाएं। गमलों, टेरेस गार्डन और किचन गार्डनिंग के लिए एकदम सही। बीजों से ब्रिंजल राऊंड ब्लॅक (ब्लैक ब्यूटी टाइप) उगाने के लिए यह एक प्रैक्टिकल गाइड है — गमलों, टेरेस गार्डन और खुली ज़मीन के लिए सही।

भारत में बोने का सबसे अच्छा समय

बैंगन को गर्म मौसम पसंद है। बोने का समय:

  • जनवरी–मार्च

  • जून–अगस्त

  • सितंबर–अक्टूबर (हल्की सर्दी वाले इलाके)

सही तापमान: 20–35°C

बीज बोना

आपको क्या चाहिए

  • कोकोपीट/बीज शुरू करने का मिक्स

  • सीड ट्रे या छोटे कप

  • ब्रिंजल राऊंड ब्लॅक के बीज

  • स्प्रे बोतल

कैसे बोएं

  1. ट्रे को नमी वाले, ढीले पॉटिंग मिक्स से भरें।

  2. बीज 1 सेमी गहरे बोएं।

  3. हल्का ढक दें और पानी का स्प्रे करें।

  4. ट्रे को रोशनी वाली, गर्म जगह पर रखें (तेज़ धूप नहीं)।

  5. रोज़ाना स्प्रे करें—नमी रखें, गीला नहीं।

अंकुरण का समय:

  • 7–14 दिन

ट्रांसप्लांट के लिए तैयार कब:

  • पौधों में 4–5 असली पत्तियां (25–30 दिन पुराने) हों।

मिट्टी की तैयारी

गमलों/ग्रो बैग्स के लिए

15–18 इंच के गमले का इस्तेमाल करें (बैंगन को जगह चाहिए)।

सबसे अच्छा मिट्टी का मिक्स (भारतीय हालात):

  • 40% बगीचे की मिट्टी

  • 40% कम्पोस्ट/वर्मीकम्पोस्ट

  • 20% कोकोपीट/रेत

  • कीटों से बचाने के लिए 1–2 बड़े चम्मच नीम की खली

ज़मीन/बेड के लिए

  • मिट्टी को 1 फीट गहरा ढीला करें

  • हर स्क्वेअर मीटर में 2–4 kg कम्पोस्ट डालें

ट्रांसप्लांटिंग

  • झटका कम करने के लिए शाम को ट्रांसप्लांट करें।

  • ज़मीन में 45–60 सेमी की दूरी रखें।

  • रोपण के बाद अच्छी तरह पानी दें।

देखभाल और रखरखाव

धूप

  • रोज़ाना 6–8 घंटे सीधी धूप चाहिए।

पानी देना

  • हफ़्ते में 2–3 बार या जब ऊपर की मिट्टी सूखी लगे तो पानी दें।

  • पानी जमा होने से बचाएं—बैंगन को गीली मिट्टी पसंद नहीं है।

फर्टिलाइजर शेड्यूल

हर 15 दिन में:

  • 2–3 मुट्ठी वर्मीकम्पोस्ट या गोबर की खाद

हर 30 दिन में:

  • 1 मुट्ठी नीम की खली

  • लिक्विड फर्टिलाइजर जैसे कम्पोस्ट टी, जीवामृत, केले के छिलके का पानी

फल लगने की स्टेज पर:

  • पोटाश वाला फर्टिलाइजर (केले के छिलके का फर्टिलाइजर/लकड़ी की राख) डालें।

पेस्ट मैनेजमेंट

आम कीड़े:

  • फ्रूट और शूट बोरर

  • मीलीबग्स

  • व्हाइटफ्लाई

  • एफिड्स

आसान उपाय:

✔ नीम ऑयल स्प्रे – 5 मिली नीम ऑयल + 1 लीटर पानी + 1–2 बूंद माइल्ड सोप

→ हर 7–10 दिन में स्प्रे करें।

✔ कीड़े लगे शूट को जल्दी हटाकर खत्म कर दें।

✔ कीड़े कम करने के लिए पास में गेंदा उगाएं।

फूल आना और फल लगना

  • फूल 40–60 दिनों में आ जाते हैं।

  • रोपाई के 70–90 दिनों में फल तैयार हो जाते हैं।

ज़्यादा फल देने के लिए टिप:

  • मिट्टी को पूरी तरह सूखने न दें।

  • फूल आने के समय एक्स्ट्रा कम्पोस्ट + पोटैशियम दें।

कटाई

गोल काले बैंगन तब तैयार होते हैं जब:

  • फल गहरे काले/बैंगनी, चमकदार हों

  • साइज़ मीडियम से बड़ा हो

  • छिलका सख्त हो (झुर्रीदार न हो)

कैंची से काटें—फल को कभी न खींचें।